Wednesday, 15 January 2020

देश पर कविता

मुझे मालूम है कि मेरा भारत देश प्यारा है,
यहां पर सूरवीरों का बलिदान न्यारा है,
मुझे मालूम है यहीं पर जन्मे शेखर,भगत,बिस्मिल,
पकड़कर ध्वज तिरंगा वो चले जिस पथ वो प्यारा है,
मुझे मालूम है कि मेरा भारत देश प्यारा है||
यही मेवाड़ की धरती जहां जन्मे थे राणा है,
इन्हीं के पराक्रम से तो यहां फैला उजाला है,
करु वंदन नमन उनको जिन्होंने देश संवारा है,
मुझे मालूम है कि मेरा भारत देश प्यारा है||

संतोष आर्य
त्रिवेदीगंज बाराबंकी

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