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मेरी मां प्यारी मां मम्मा
माँ मेरी माँ प्यारी माँ मम्मा ओ माँ मेरी माँ प्यारी माँ मम्मा हाथों की लकीरें बदल जायेंगी ग़म की येः जंजीरें पिघल जायेंगी हो खुदा प...
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मैं भूल नहीं सकता तुझको हर बात तेरी है याद मुझे, फांस के अपने जाल में पूरा कर गई तू बर्बाद मुझे, दसवीं कि इम्तहान में तूने फूल फेंक कर मार...
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एक जवान जो कि सीमा पर शहीद हो जाता है उसके घर में उसकी मां होती है और उसकी बहन है वह जवान मरते-मरते एक खत लिखता है अपनी मां के नाम हलाकि इस...
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नासदासीनन्नोसदासीत्तानीम नासीद्रोजो नो व्योमा परो यत। किमावरीव: कुहकस्यशर्मन्नम्भ: किमासीद्गगहनं गभीरम्।। (नासदीय सूक्त, ऋगवेद, दशम् मंडल...

sahi likhte hai aap
ReplyDeleteThanks
ReplyDeleteNice poetry sir ji
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